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स्टॉक स्क्रीनेर (stock screener) यूज़िंग एआई (using AI) Logo Light Mode

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Stockshaala

Module 6
अपना पहला एआई-पावर्ड स्क्रीनर (AI-powered screener) बनाना (कोई कोड नहीं)
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Chapter 1 | 2 min read

AI से विशिष्ट नियमों वाले स्क्रीनर्स (screeners) के लिए पूछना

AI का स्टॉक स्क्रीनिंग में इस्तेमाल करना सबसे आसान तब होता है जब आप इसे स्पष्ट, रूल-बेस्ड (rule-based) कंडीशंस देते हैं।

इसे ऐसे सोचें जैसे आप AI को बिल्कुल वही बता रहे हैं जो आप चाहते हैं, बजाय इसके कि उसे अनुमान लगाने दें।

जैसे पारंपरिक स्क्रीनर्स फिल्टर्स का उपयोग करते हैं, यहाँ आप बस उन फिल्टर्स को सादी अंग्रेजी में लिखते हैं।

AI फ्लेक्सिबल है, लेकिन बिना नियमों के यह नहीं जान पाएगा कि आपके लिए “सस्ता,” “मजबूत,” या “अच्छा” का मतलब क्या है। नंबर और कंडीशंस आपके प्रॉम्प्ट को स्पेसिफिक बनाते हैं।

  • अस्पष्ट: “मुझे अंडरवैल्यूड (undervalued) स्टॉक्स दिखाओ।”
  • स्पष्ट: “मुझे निफ्टी 100 (Nifty 100) स्टॉक्स दिखाओ जिनका P/E 15 से कम हो और ROE 15% से ज्यादा हो।”

दूसरा आपको उपयोगी रिजल्ट्स देता है।

सबसे आम फिल्टर्स में से एक है RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स - Relative Strength Index).

  • RSI 70 से ऊपर → स्टॉक ओवरबॉट (overbought) हो सकता है।
  • RSI 30 से नीचे → स्टॉक ओवर्सोल्ड (oversold) हो सकता है।

तो अगर आप AI से पूछते हैं:
“भारतीय बैंकिंग स्टॉक्स खोजो जिनका RSI 30 से नीचे हो।”
यह आपको ओवर्सोल्ड नामों की लिस्ट देगा, जिसे आप फिर और अध्ययन कर सकते हैं।

नियम फंडामेंटल्स (fundamentals), टेक्निकल्स (technicals), या दोनों को कवर कर सकते हैं।

  • “मुझे ₹500 से नीचे के ऑटो स्टॉक्स दिखाओ जिनका ROE 12% से ऊपर हो और डेब्ट-टू-इक्विटी (debt-to-equity) 0.5 से कम हो।”
  • “IT कंपनियों की लिस्ट दें जो 200-डे मूविंग एवरेज (200-day moving average) से ऊपर ट्रेड हो रही हों और पिछले 3 सालों में प्रॉफिट ग्रोथ (profit growth) हो।”
  • “FMCG कंपनियों को खोजें जिनका RSI 30 से नीचे हो और 5 सालों के लिए सेल्स ग्रोथ (sales growth) 10% से ऊपर हो।”

रूल्स को लेयर करके, आप ब्रॉड लिस्ट्स से फोकस्ड शॉर्टलिस्ट्स में जाते हैं।

  • हमेशा नंबर का उपयोग करें: प्राइस < ₹500, ROE > 15%, RSI < 30।
  • टाइम फ्रेम्स जोड़ें: प्रॉफिट ग्रोथ 3 सालों में, वॉल्यूम एवरेज 10 दिनों में।
  • इसे सरल रखें: एक सिंगल क्वेरी में 10 कंडीशंस न डालें। 2–3 से शुरू करें और सुधारें।
  • सेक्टर या साइज फिल्टर्स: मिड-कैप IT, लार्ज-कैप बैंक, FMCG।

स्पेसिफिक रूल्स वही हैं जो AI स्क्रीनर्स को उपयोगी बनाते हैं।

नंबर, कंडीशंस और टाइमफ्रेम्स स्पष्टता लाते हैं, जबकि अस्पष्ट शब्द केवल सिस्टम को भ्रमित करते हैं।

सरल प्रॉम्प्ट्स से शुरू करें, लेयर्स को धीरे-धीरे जोड़ें, और सुधारें जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं।

जितने शार्प आपके रूल्स होंगे, उतनी ही शार्प और विश्वसनीय आपकी शॉर्टलिस्ट होगी।

This content has been translated using a translation tool. We strive for accuracy; however, the translation may not fully capture the nuances or context of the original text. If there are discrepancies or errors, they are unintended, and we recommend original language content for accuracy.

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