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Chapter 3 | 2 min read
उपयोगी फॉर्मेट्स में आउटपुट प्राप्त करना (टेबल्स, लिस्ट्स, तुलना)
जब आपने AI को स्पष्ट नियमों के साथ एक प्रॉम्प्ट दिया है, तो अगला कदम यह सुनिश्चित करना है कि आउटपुट वास्तव में उपयोगी हो।
लंबे पैराग्राफ दिखने में तो डिटेल्ड लग सकते हैं, लेकिन उन पर काम करना मुश्किल होता है।
इसके बजाय, AI से टेबल्स, लिस्ट्स, या साइड-बाय-साइड कम्पैरिसन में परिणाम मांगें।
इससे आप समय बचाते हैं, अव्यवस्था से बचते हैं, और कच्चे आउटपुट को उस रिसर्च में बदल सकते हैं जिस पर आप काम कर सकते हैं।
फॉर्मेट क्यों महत्वपूर्ण है (Why Format Matters)
एक स्टॉक शॉर्टलिस्ट तब ही उपयोगी होती है जब इसे पढ़ना और तुलना करना आसान हो। कल्पना करें कि 50 स्टॉक्स को स्क्रीन किया और प्रत्येक के लिए एक पैराग्राफ मिला — यह भारी हो जाता है। संरचित फॉर्मेट चीजों को स्पष्ट बनाते हैं।
- टेबल्स (Tables)
टेबल्स स्टॉक डेटा के साथ काम करते समय सबसे शक्तिशाली फॉर्मेट होते हैं।
उदाहरण प्रॉम्प्ट:
“मुझे ₹500 से कम के ROE 12% से ऊपर और RSI 30 से नीचे के भारतीय ऑटो स्टॉक्स दिखाइए। परिणाम टेबल में दें जिसमें कॉलम हों: स्टॉक नाम, प्राइस, ROE, RSI, और डेट-टू-इक्विटी।”
संभावित आउटपुट (Possible Output):
कंपनी A | 420 | 15 | 28 | 0.4 |
कंपनी B | 380 | 13 | 25 | 0.3 |
इस तरह, आप सीधे मेट्रिक्स के बीच तुलना कर सकते हैं।
- लिस्ट्स (Lists)
अगर आप केवल नाम चाहते हैं, तो एक साधारण लिस्ट सबसे बेहतर काम करती है।
उदाहरण प्रॉम्प्ट:
“FMCG स्टॉक्स की लिस्ट दें जिनकी 5 साल की प्रॉफिट ग्रोथ है और जो 200-डे मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहे हैं। केवल स्टॉक नाम दिखाएं।”
संभावित आउटपुट (Possible Output):
- कंपनी A
- कंपनी B
- कंपनी C
तेज़, साफ, और उपयोग के लिए तैयार।
- कम्पैरिसन (Comparisons)
कभी-कभी आप दो या तीन कंपनियों के बीच फंसे होते हैं। AI साइड-बाय-साइड कम्पैरिसन तैयार कर सकता है।
उदाहरण प्रॉम्प्ट:
“Infosys, TCS, और Wipro की P/E, ROE, और पिछले 3 साल की प्रॉफिट ग्रोथ पर तुलना करें। परिणाम टेबल में दें।”
संभावित आउटपुट (Possible Output):
P/E रेशियो | 22 | 24 | 18 |
ROE (%) | 26 | 28 | 15 |
3Y प्रॉफिट ग्रोथ (%) | 12 | 14 | 8 |
यह आपको एक नजर में निर्णय लेने में मदद करता है।
बेहतर आउटपुट के लिए टिप्स (Tips for Better Outputs)
- हमेशा फॉर्मेट के लिए पूछें: टेबल, लिस्ट, या कम्पैरिसन।
- टेबल में कॉलम्स को निर्दिष्ट करें ताकि अप्रासंगिक डेटा से बचा जा सके।
- कम्पैरिसन के लिए, कंपनियों की संख्या सीमित करें (2-4) ताकि टेबल पढ़ने लायक बनी रहे।
- जैसे रिफाइनमेंट्स के साथ फॉलो अप करें: “अब डिविडेंड यील्ड कॉलम जोड़ें।”
अंतिम निष्कर्ष (Final Takeaway)
AI में स्क्रीनिंग सिर्फ स्टॉक्स खोजने के बारे में नहीं है — यह परिणामों को ऐसे फॉर्मेट में प्रस्तुत करने के बारे में है जिसे आप वास्तव में उपयोग कर सकते हैं।
टेबल्स कम्पैरिसन को आसान बनाते हैं, लिस्ट्स चीजों को सरल रखते हैं, और साइड-बाय-साइड व्यूज़ स्पष्ट रूप से अंतर को उजागर करते हैं।
संरचित आउटपुट के लिए पूछकर, आप कच्चे डेटा को उन इनसाइट्स में बदलते हैं जिन पर आप आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सकते हैं।
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