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Stockshaala

Module 8
टेस्टिंग & ऑप्टिमाइजेशन (testing & optimization)
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Chapter 4 | 2 min read

ऑप्टिमाइजेशन टेक्नीक्स (optimization techniques) से एक्यूरेसी (accuracy) में सुधार करें

AI स्टॉक स्क्रीनर्स (stock screeners) पावरफुल रिजल्ट्स दे सकते हैं, लेकिन वे बॉक्स से परफेक्ट नहीं होते।

कभी-कभी वे बहुत सारे अप्रासंगिक स्टॉक्स को शामिल कर लेते हैं। दूसरे समय में, वे महत्वपूर्ण स्टॉक्स को मिस कर देते हैं।

इसलिए ऑप्टिमाइजेशन (optimization) महत्वपूर्ण है — यह AI का उपयोग करने के तरीके को ट्यून करने के बारे में है, ताकि रिजल्ट्स शार्प और अधिक सटीक हो सकें।

अपने प्रॉम्प्ट को एक साथ 10 फिल्टर्स से ओवरलोड न करें। 2–3 महत्वपूर्ण फिल्टर्स से शुरू करें और धीरे-धीरे लेयर्स जोड़ें।

उदाहरण:

  • पहले: “मुझे ₹500 से कम के ऑटो स्टॉक्स दिखाओ।”
  • फिर: “अब उन स्टॉक्स को फिल्टर करो जिनका आरओई (ROE) 12% से ऊपर है।”
  • अंत में: “आरएसआई (RSI) वैल्यू को 30 से नीचे जोड़ो।”

इससे भ्रम कम होता है और सुनिश्चित किया जाता है कि स्क्रीनर लॉजिकल तरीके से नैरो डाउन हो।

यदि आपके फिल्टर्स बहुत सख्त हैं, तो आप अच्छे स्टॉक्स को मिस कर देंगे।

आरओई (ROE) 20% से ऊपर” कहने के बजाय, “आरओई (ROE) 12% से ऊपर” से शुरू करें।

पी/ई (P/E) 10 से नीचे” कहने के बजाय, “पी/ई (P/E) 20 से नीचे” से कोशिश करें।

विस्तृत रेंज स्क्रीनर को अधिक समावेशी बनाती हैं, और आप बाद में इसे सुधार सकते हैं।

एक प्रॉम्प्ट कभी भी सबकुछ कैप्चर नहीं कर सकता। एक ही आइडिया को अलग-अलग तरीकों से रन करें। उदाहरण:

  • प्रॉम्प्ट 1: “ऐसे बैंकिंग स्टॉक्स खोजें जिनके एनपीए (NPAs) 2% से नीचे हैं।”
  • प्रॉम्प्ट 2: “ऐसे बैंकिंग स्टॉक्स दिखाएं जिनका आरओई (ROE) हाई है और डेट लो है।”

दोनों आउटपुट्स की तुलना करें। यदि कुछ नाम दोहराते हैं, तो वे मजबूत उम्मीदवार हैं।

सटीकता तब बढ़ती है जब आप एनालिसिस के दोनों पक्षों को मिलाते हैं।

उदाहरण:

ऐसी आईटी कंपनियां दिखाएं जिनका 3-वर्षीय प्रॉफिट ग्रोथ 10% से ऊपर है और जो अपने 200-डीएमए (200-DMA) से ऊपर ट्रेड कर रही हैं।”

यदि कोई स्टॉक दोनों टेस्ट पास करता है, तो यह एक रैंडम फ्लूक होने की संभावना कम होती है।

मार्केट्स बदलते हैं। जो 2021 में काम करता था, वह 2025 में काम नहीं कर सकता। इसलिए, परिणामों के आधार पर अपने प्रॉम्प्ट्स को लगातार एडजस्ट करें।

उदाहरण: यदि आपका स्क्रीनर लगातार हाई-डेट कंपनियों को दिखा रहा है, तो एक नियम जोड़ें: “डेट-टू-इक्विटी (debt-to-equity) 1 से ऊपर को एक्सक्लूड करें।”

ऐसे छोटे सुधार आपके रिजल्ट्स को ताजा और विश्वसनीय बनाए रखते हैं।

AI स्क्रीनिंग में सटीकता एक परफेक्ट प्रॉम्प्ट से नहीं आती।

यह इटरेशन (iteration), व्यावहारिक फिल्टर्स (realistic filters), और लगातार सुधार (constant refinement) से आती है।

सिंपल से शुरू करें, अलग-अलग प्रॉम्प्ट्स टेस्ट करें, फंडामेंटल्स को टेक्निकल्स के साथ मिलाएं, और मार्केट्स बदलने पर एडजस्ट करें।

लक्ष्य फ्लॉलेस शॉर्टलिस्ट्स बनाना नहीं है, बल्कि ऐसे रिजल्ट्स पाना है जो प्रैक्टिकल, कंसिस्टेंट और असली निवेश निर्णयों के करीब हों।

This content has been translated using a translation tool. We strive for accuracy; however, the translation may not fully capture the nuances or context of the original text. If there are discrepancies or errors, they are unintended, and we recommend original language content for accuracy.

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