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Chapter 4 | 2 min read
वेज़ प्रॉम्प्ट्स से बचें जो AI को कन्फ्यूज़ करते हैं
AI शक्तिशाली लग सकता है, लेकिन यह उतना ही अच्छा है जितना कि आप अपने सवाल को कैसे फ्रेम करते हैं।
अगर आप इसे कुछ अस्पष्ट पूछते हैं, तो आपको अस्पष्ट परिणाम मिलेंगे।
यही नियम स्टॉक स्क्रीनर्स (stock screeners) पर भी लागू होता है। अगर आपके प्रॉम्प्ट्स (prompts) स्पष्ट नहीं हैं, तो आउटपुट गड़बड़ या अप्रासंगिक होगा।
शार्प और उपयोगी शॉर्टलिस्ट्स (shortlists) प्राप्त करने के लिए, आपको प्रॉम्प्ट्स को सटीकता के साथ फ्रेम करना होगा।
क्या है अस्पष्टता? (What Counts as Vague?)
ऐसे प्रॉम्प्ट्स:
- “मुझे खरीदने के लिए अच्छे स्टॉक्स (stocks) दिखाओ।”
- “कौन सी कंपनियाँ ऊपर जाएँगी?”
- “सुरक्षित निवेश (investments) खोजें।”
ये बहुत व्यापक हैं। AI नहीं जानता कि आपके लिए "अच्छा", "सुरक्षित" या "ऊपर जाएगा" क्या मतलब है। हर किसी की परिभाषा अलग होती है।
क्यों फेल होते हैं अस्पष्ट प्रॉम्प्ट्स (Why Vague Prompts Fail)
- बहुत अधिक संभावनाएं: AI के पास आपकी खोज को संकीर्ण करने का कोई तरीका नहीं है।
- विषयात्मक भाषा: अच्छे या सस्ते जैसे शब्दों का निश्चित अर्थ नहीं होता।
- छूटी हुई संदर्भ: बिना नंबर या टाइमफ्रेम्स (timeframes) के, परिणाम अनुमान बन जाते हैं।
प्रॉम्प्ट्स को स्पष्ट कैसे बनाएं (How to Make Prompts Clear)
अस्पष्ट शब्दों के बजाय, विशिष्ट शर्तों का उपयोग करें।
- अस्पष्ट: “मुझे सस्ते स्टॉक्स दिखाओ।”
- स्पष्ट: “मुझे निफ्टी 100 (Nifty 100) स्टॉक्स दिखाओ जिनका P/E 15 से कम हो और कीमत ₹500 से नीचे हो।”
- अस्पष्ट: “सुरक्षित निवेश खोजें।”
- स्पष्ट: “बैंकिंग स्टॉक्स की सूची बनाएं जिनका NPAs 2% से कम हो, ROE 15% से अधिक हो, और 5 साल की डिविडेंड हिस्ट्री हो।”
अंतर देख रहे हैं? स्पष्ट प्रॉम्प्ट AI को मापने योग्य नियम देता है।
अस्पष्टता से बचने के टिप्स (Tips for Avoiding Vagueness)
- नंबर जोड़ें: कीमत < ₹500, ROE > 12%, RSI < 30।
- टाइमफ्रेम्स का जिक्र करें: 3 साल में प्रॉफिट ग्रोथ (profit growth), 10-दिवसीय औसत वॉल्यूम (average volume)।
- सेक्टर या साइज बताएं: मिड-कैप IT, लार्ज-कैप बैंक, FMCG।
- AND/OR लॉजिक का उपयोग करें: “₹1,000 के नीचे AND 200-DMA के ऊपर।”
उदाहरण
एक अस्पष्ट प्रॉम्प्ट:
“मजबूत ऑटो कंपनियाँ खोजें।”
एक स्पष्ट प्रॉम्प्ट:
“मुझे ऑटो स्टॉक्स दिखाओ जिनकी सेल्स ग्रोथ (sales growth) 3 साल के लिए 10% से अधिक हो, डेट-टू-इक्विटी (debt-to-equity) 0.5 से कम हो, और 50-दिन की मूविंग एवरेज (moving average) के ऊपर ट्रेडिंग हो।”
अब स्क्रीनेर समझता है कि आपके लिए “मजबूत” का क्या मतलब है।
पुनरावृत्ति की भूमिका (The Role of Iteration)
यहां तक कि स्पष्ट प्रॉम्प्ट्स के साथ, पहला परिणाम परफेक्ट नहीं हो सकता। सुधारने में हिचकिचाएं नहीं। उदाहरण:
- पहले: “मुझे FMCG स्टॉक्स दिखाओ जिनका P/E 25 से कम हो और प्रॉफिट ग्रोथ 10% से अधिक हो।”
- फिर: “अब उन कंपनियों को बाहर करें जिनकी प्रमोटर प्लेजेस (promoter pledges) हैं।”
यह पुनरावृत्ति प्रक्रिया अस्पष्ट प्रॉम्प्ट्स को शार्प, एक्शनएबल (actionable) बनाती है।
अंतिम निष्कर्ष (Final Takeaway)
AI कोई मन पढ़ने वाला नहीं है। अस्पष्ट प्रॉम्प्ट्स अस्पष्ट परिणाम बनाते हैं।
लेकिन जब आप स्पष्ट, मापने योग्य शर्तें लिखते हैं, तो स्क्रीनेर एक शार्प टूल बन जाता है।
विषयात्मक शब्दों को नंबर, टाइमफ्रेम्स, और फिल्टर्स (filters) से बदलें।
जितना अधिक स्पष्ट आपका प्रॉम्प्ट होगा, उतनी ही शार्प और विश्वसनीय आपकी शॉर्टलिस्ट होगी।
This content has been translated using a translation tool. We strive for accuracy; however, the translation may not fully capture the nuances or context of the original text. If there are discrepancies or errors, they are unintended, and we recommend original language content for accuracy.
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