
Chapter 2 | 2 min read
पर्सनल लोन (personal loans) बनाम क्रेडिट कार्ड्स (credit cards): फाइनेंशियल क्रंच (financial crunch) में कौन सा विकल्प बेहतर है?
जब आपको अचानक से एक अनएक्सपेक्टेड फाइनेंशियल क्रंच (unexpected financial crunch) का सामना करना पड़ता है, तो अक्सर पर्सनल लोन (personal loan) या क्रेडिट कार्ड (credit card) पर निर्भर करने का निर्णय लेना पड़ता है। दोनों विकल्प फ़ंड्स (funds) तक जल्दी पहुंच देते हैं, लेकिन सही विकल्प चुनना इस बात पर निर्भर करता है कि आपको कितनी राशि चाहिए, इंटरेस्ट रेट्स (interest rates) क्या हैं, और आपकी रीपे (repay) करने की क्षमता क्या है। आइए इन अंतरों को समझें ताकि आप फाइनेंशियल इमरजेंसी (financial emergency) में सबसे अच्छा निर्णय ले सकें।
पर्सनल लोन एक प्रकार का अनसिक्योर्ड लोन (unsecured loan) होता है जो बैंक या एनबीएफसीज (NBFCs) द्वारा दिया जाता है, आमतौर पर बड़े खर्चों जैसे मेडिकल बिल्स (medical bills), घर की मरम्मत, या शादी के लिए।
इन्हें फिक्स्ड मंथली इंस्टॉलमेंट्स (fixed monthly instalments) में चुकाया जाता है, आमतौर पर 1 से 5 साल के भीतर, जिससे ये बड़े और प्लान्ड खर्चों के लिए आदर्श होते हैं। दूसरी ओर, क्रेडिट कार्ड एक रिवॉल्विंग प्रकार का क्रेडिट (revolving type of credit) प्रदान करते हैं, जिसमें 20 से 50 दिनों की इंटरेस्ट-फ्री पीरियड (interest-free period) होती है। अगर इस विंडो (window) के भीतर इसे नहीं चुकाया जाता, तो इंटरेस्ट चार्जेज (interest charges) लागू होते हैं, जो बहुत ही उच्च होते हैं।
यह मूल रूप से पर्सनल लोन के अधिक फीज़िबल इंटरेस्ट रेट्स (feasible interest rates) की बात करता है जब बड़ी रकम की बात आती है, क्योंकि रेट्स आमतौर पर 10 प्रतिशत से 20 प्रतिशत प्रति वर्ष के बीच होते हैं; जबकि क्रेडिट कार्ड्स के साथ, स्टेप इंटरेस्ट रेट्स (steep interest rates) कम से कम 24 प्रतिशत प्रति वर्ष से बढ़कर 42 प्रतिशत वार्षिक तक भी हो सकते हैं। यह एक लो-कॉस्ट सोल्यूशन (low-cost solution) हो सकता है अगर कोई इंटरेस्ट-फ्री पीरियड में बकाया राशि चुका सकता है; अन्यथा, अगर राशि बड़ी है या आप इसे समय पर चुकाने में असमर्थ हैं, तो पर्सनल लोन कम खर्चीला होता है। जहां तक उधार दी गई राशि का सवाल है, पर्सनल लोन अधिक लीनियंट होते हैं, और ये ₹ 50,000 से लेकर ₹ 25 लाख तक होते हैं। अपनी ओर से, क्रेडिट कार्ड्स कम क्रेडिट लिमिट्स (credit limits) की अनुमति देते हैं, जो किसी की इनकम और क्रेडिट स्कोर (credit score) का फ़ंक्शन होता है; यह उन्हें अपेक्षाकृत छोटे और कम स्थायी जरूरतों के मामले में बहुत आदर्श बनाता है।
अंतर रीपेमेंट (repayment) के मामले में भी उपलब्ध हैं। पर्सनल लोन फिक्स्ड रिटर्न टेन्योर (fixed return tenure) के साथ प्रदान किया जाता है, और टेन्योर आमतौर पर 1 से 5 साल के बीच होते हैं। इसलिए, आप ठीक-ठीक जान सकते हैं कि आप प्रति माह कितना भुगतान करेंगे। रिटर्न की प्रेडिक्टेबिलिटी (predictability) बजट के भीतर रहने में मदद करती है और सुनिश्चित करती है कि डेट (debt) एक निश्चित समय के भीतर स्पष्ट हो जाए। एक क्रेडिट कार्ड के लिए रिटर्न्स के लिए कोई निश्चित सीमा नहीं होती। जबकि आप न्यूनतम भुगतान करने का विकल्प चुन सकते हैं, यह बैलेंस को आगे बढ़ाने और उच्च इंटरेस्ट चार्जेज उठाने के समान है।
निष्कर्ष (Conclusion)
एक व्यक्ति कब किस विकल्प के लिए आवेदन करता है? और अगर आपको बड़े खर्च को कवर करने के लिए बड़ी राशि की जरूरत है और आप फिक्स्ड रीपेमेंट शेड्यूल (fixed repayment schedule) के लिए प्रतिबद्ध हो सकते हैं, तो सामान्य रूप से एक पर्सनल लोन बेहतर होता है। यह कम इंटरेस्ट रेट्स प्रदान करता है और इसलिए, मैनेजेबल ईएमआईज (manageable EMIs) होती हैं। यदि आप इंटरेस्ट-फ्री पीरियड के भीतर बैलेंस चुका सकते हैं, तो आप छोटे, शॉर्ट-टर्म खर्चों के लिए क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर सकते हैं ताकि उच्च इंटरेस्ट कॉस्ट्स (interest costs) से बचा जा सके।
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