
Chapter 6 | 3 min read
फंड ऑफ फंड्स (fund of funds)
जैसे ही रवि और प्रिया म्यूचुअल फंड्स (mutual funds) में निवेश करना सीखते हैं, FoFs (फंड ऑफ फंड्स) में निवेश की सहूलियत और आकर्षण उनकी नज़रों में आता है। प्रिया को विशेष रूप से एक ऐसे सिंगल फंड (single fund) के कॉन्सेप्ट में दिलचस्पी है जो कई प्रकार के निवेशों तक पहुंच प्रदान करता है क्योंकि उनका विचार डाइवर्सिफिकेशन (diversification) की ओर एक सरल तरीका ढूंढना है, बिना बहुत सारे फंड्स को मैनेज किए।
वे सोचते हैं कि FoFs उनके बढ़ते इन्वेस्टमेंट पोर्टफोलियो (investment portfolio) में कैसे फिट हो सकते हैं, जबकि रवि सोचते हैं कि लागत और अंडरलाइनिंग फंड सिलेक्शन (underlying fund selection) उनके रिटर्न्स (returns) को कैसे नुकसान या फायदा पहुंचा सकता है।
FoFs का सबसे बड़ा फायदा डाइवर्सिफिकेशन (diversification) है। एक या दो स्रोतों पर निर्भर रहने के बजाय, आपका पैसा कई जगहों पर फैला होता है। इससे रिस्क (risk) कम होता है क्योंकि आप अपने सारे अंडे एक टोकरी में नहीं डाल रहे हैं। अगर एक फंड खराब प्रदर्शन करता है, तो दूसरे बेहतर कर सकते हैं, जिससे चीजें बैलेंस (balance) हो जाती हैं। उदाहरण के लिए, अगर आप एक FoF में इन्वेस्ट करते हैं जिसमें इक्विटी (equity), डेट (debt), और इंटरनेशनल फंड्स (international funds) शामिल हैं, तो आप विभिन्न मार्केट्स और सेक्टर्स में एक्सपोजर (exposure) प्राप्त कर रहे हैं। इस तरह की विविधता आपके पोर्टफोलियो (portfolio) को कठिन समय में कुशन कर सकती है।
दूसरा फायदा यह है कि FoFs एक बहुत ही सुविधाजनक एंट्री है। यह उन लोगों के लिए वन-स्टॉप (one-stop) है जो सभी प्रकार के फंड्स में एक्सपोजर चाहते हैं, उन्हें चुनने में कम समय लगता है। यह आपको कई इन्वेस्टमेंट्स (investments) मैनेज करने के प्रयास से बचाता है क्योंकि एक अच्छा फंड मैनेजर (fund manager) FoF के अंदर जरूरी फंड्स का चयन करता है। यह शुरुआती या उन लोगों के लिए एक अच्छा विकल्प बनाता है जिनके पास मार्केट्स (markets) को ट्रैक करने का कम समय है।
लेकिन यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि क्योंकि FoFs अन्य फंड्स में निवेश करते हैं, आप FoF की खुद की फीस और उसके अंडरलाइनिंग फंड्स (underlying funds) की फीस भी चुका रहे हैं। इससे FoF में निवेश की कुल लागत एक सिंगल फंड में निवेश से अधिक हो जाती है। अगर फीस बहुत अधिक हो जाती है, तो वे आपके रिटर्न (returns) में कटौती कर देंगी, इसलिए खर्च अनुपातों (expense ratios) को ध्यान से देखें।
दूसरी बात यह है कि FoFs में निवेश उतना लचीला नहीं होता जितना कि फंड हाउस (fund house) में सीधे निवेश करते समय होता है। उदाहरण के लिए, आप इसके पोर्टफोलियो (portfolio) में किसी विशेष फंड को जोड़ या हटा नहीं सकते हैं; वह निर्णय फंड मैनेजर (fund manager) पर छोड़ दिया जाता है। यह उन लोगों के लिए एक कमी हो सकती है जो अपने इन्वेस्टमेंट्स (investments) को नियंत्रित करना पसंद करते हैं। लेकिन अगर यह आपके लिए ठीक है, तो यह एक आर्म्स-लेंथ इन्वेस्टमेंट (arms-length investment) का लाभ देगा।
यह याद रखना चाहिए कि FoFs को एक्टिवली मैनेज्ड (actively managed) या पैसिवली मैनेज्ड (passively managed) भी किया जा सकता है। जब एक FoF को एक्टिवली मैनेज्ड (actively managed) कहा जाता है, तो फंड मैनेजर (fund manager) अपने विवेक और रिसर्च के आधार पर अपने लक्ष्यों का चयन करता है। चयन रणनीति (selection strategy) का उद्देश्य उन फंड्स को टॉप परफॉर्मर्स (top performers) बनाने के लिए मार्केट (market) को आउटपरफॉर्म (outperform) करना होता है।
इसके बदले में, एक पैसिवली मैनेज्ड फंड (passively managed fund) एक मार्केट इंडेक्स-इन्वेस्टेड फंड (market index-invested fund) के रिटर्न की नकल करेगा, जो कि एक इंडेक्स, जैसे कि S&P 500 या निफ्टी 50 (Nifty 50) पर बेंचमार्किंग (benchmarking) करता है। समझौता यह है कि ये पैसिवली मैनेज्ड फंड्स (passively managed funds) मार्केट (market) को आउटपरफॉर्म (outperform) नहीं कर सकते, जबकि एक्टिवली मैनेज्ड फंड्स (actively managed funds) इसके लिए प्रयास करेंगे, हालांकि चार्जेस (charges) आमतौर पर कम होते हैं।
अगर आप FoF में निवेश करने पर विचार कर रहे हैं, तो आपको ध्यान से FoF के होल्ड (hold) किए गए अंडरलाइनिंग फंड्स (underlying funds) की समीक्षा करनी चाहिए। FoF के समग्र प्रदर्शन को समझना पर्याप्त नहीं है; आपको यह भी समझना होगा कि आपका पैसा कहाँ जा रहा है। अगर FoF किसी एकल मार्केट (single market) या इंडस्ट्री (industry) में भारी निवेश करता है, तो आप जितना सोचते हैं उससे अधिक जोखिम में हो सकते हैं। यह सत्यापित करना महत्वपूर्ण है कि फंड मैनेजर (fund manager) आपके पोर्टफोलियो (portfolio) के लिए समझदारी से चयन कर रहा है।
निष्कर्ष (Conclusion):
FoFs के बारे में जानने के बाद, रवि और प्रिया इस दृष्टिकोण की सराहना करते हैं कि यह डाइवर्सिफिकेशन (diversification) को सरल बनाता है और कई मार्केट्स (markets) और स्ट्रेटेजीज़ (strategies) तक पहुंच प्रदान करता है। हालांकि, वे यह भी समझते हैं कि लागतों की निगरानी और अंडरलाइनिंग फंड्स (underlying funds) का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन करना कितना महत्वपूर्ण है।
अगले में, हम डिविडेंड (dividend) बनाम ग्रोथ ऑप्शन्स (growth options) और आपकी इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजी (investment strategy) के लिए सही विकल्प कैसे चुनें, इस पर चर्चा करेंगे।
This content has been translated using a translation tool. We strive for accuracy; however, the translation may not fully capture the nuances or context of the original text. If there are discrepancies or errors, they are unintended, and we recommend original language content for accuracy.
Recommended Courses for you
Beyond Stockshaala
Discover our extensive knowledge center
Learn, Invest, and Grow with Kotak Videos
Explore our comprehensive video library that blends expert market insights with Kotak's innovative financial solutions to support your goals.













