
Chapter 2 | 2 min read
प्राइमरी और सेकेंडरी बॉन्ड मार्केट्स (primary and secondary bond markets)
आप एक नया लॉन्च हुआ स्मार्टफोन मॉडल खरीदना चाहते हैं। आप इसे सीधे मैन्युफैक्चरर या आधिकारिक रिटेलर से खरीदते हैं—यह बिलकुल वैसा ही है जैसे प्राइमरी मार्केट (primary market) में बॉन्ड्स खरीदना। बाद में, अगर आप उस फोन को किसी और को बेचना चाहते हैं, तो आप इसे सेकेंडरी मार्केट (secondary market) में बेचते हैं। यही अवधारणाएँ बॉन्ड्स पर भी लागू होती हैं।
प्राइमरी बॉन्ड मार्केट क्या है? (What Is the Primary Bond Market?)
प्राइमरी मार्केट वह जगह है जहाँ नए बॉन्ड्स जारी किए जाते हैं और पहली बार बेचे जाते हैं। यहाँ, जारीकर्ता—सरकारें, कॉर्पोरेशंस, या नगरपालिकाएँ—नए डेट सिक्योरिटीज (debt securities) को निवेशकों को ऑफर करके फंड्स जुटाते हैं।
- बॉन्ड्स को आमतौर पर नीलामी (auctions) या सार्वजनिक ऑफरिंग्स (public offerings) के माध्यम से बेचा जाता है।
- निवेशक सीधे जारीकर्ता से या इन्वेस्टमेंट बैंक्स जैसे इंटरमीडियरीज (intermediaries) के माध्यम से खरीदते हैं।
- बॉन्ड्स की कीमत और यील्ड (yield) इश्यू के समय सेट की जाती है।
सेकेंडरी बॉन्ड मार्केट क्या है? (What Is the Secondary Bond Market?)
सेकेंडरी मार्केट वह जगह है जहाँ निवेशक मौजूदा बॉन्ड्स खरीदते और बेचते हैं। यह मार्केट लिक्विडिटी (liquidity) प्रदान करता है, जिससे बॉन्डहोल्डर्स (bondholders) मेच्योरिटी (maturity) से पहले अपनी होल्डिंग्स बेच सकते हैं।
- ट्रेडिंग एक्सचेंजों जैसे कि एनएसई (NSE) और बीएसई (BSE) पर होती है।
- सेकेंडरी मार्केट में कीमतें ब्याज दरों, क्रेडिट रिस्क (credit risk), और मार्केट डिमांड (market demand) के आधार पर बदलती रहती हैं।
- यह मूल्य खोज (price discovery) प्रदान करता है और पोर्टफोलियो मैनेजमेंट (portfolio management) को सुविधाजनक बनाता है।
उदाहरण:
जब भारत सरकार एक नया 10-वर्षीय बॉन्ड जारी करती है, तो निवेशक इसे प्राइमरी मार्केट में खरीदते हैं। बाद में, ये निवेशक इसे मेच्योरिटी से पहले अन्य लोगों को सेकेंडरी मार्केट में बेच सकते हैं।
दोनों मार्केट्स क्यों महत्वपूर्ण हैं? (Why Are Both Markets Important?)
- प्राइमरी मार्केट (primary market) जारीकर्ताओं को पूंजी जुटाने में सक्षम बनाता है।
- सेकेंडरी मार्केट (secondary market) लिक्विडिटी प्रदान करता है, जिससे बॉन्ड्स निवेशकों के लिए अधिक आकर्षक बनते हैं।
- सेकेंडरी मार्केट में मूल्य पारदर्शिता और ट्रेडिंग बदलती मार्केट स्थितियों और रिस्क धारणाओं को दर्शाते हैं।
भारत में, प्राइमरी मार्केट में सरकारी बॉन्ड्स के लिए नीलामी का प्रबंधन भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank of India, RBI) करता है। सेकेंडरी मार्केट सक्रिय है, जिसमें म्यूचुअल फंड्स और बैंक जैसे संस्थागत निवेशक सरकारी और कॉर्पोरेट बॉन्ड्स का एक्सचेंजों पर सक्रिय रूप से ट्रेडिंग करते हैं।
प्राइमरी और सेकेंडरी बॉन्ड मार्केट्स के बीच अंतर को समझना निवेशकों को यह जानने में मदद करता है कि बॉन्ड्स कहाँ और कैसे जारी और ट्रेड किए जाते हैं। यह ज्ञान सूचित निवेश निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण है। अगला अध्याय बॉन्ड इश्यूअन्स प्रक्रिया (Bond Issuance Process) पर चर्चा करेगा, जिसमें उन कदमों का विवरण होगा जो जारीकर्ता बॉन्ड्स को मार्केट में लाने के लिए लेते हैं।
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