
Chapter 3 | 3 min read
एक्सेल (Excel) में सेंसिटिविटी एनालिसिस मॉडल (sensitivity analysis model) बनाना
संवेदनशीलता विश्लेषण (sensitivity analysis) एक शक्तिशाली टूल है जो वित्तीय मॉडलिंग (financial modelling) में यह जानने के लिए उपयोग किया जाता है कि प्रमुख अनुमानों में बदलाव कैसे मॉडल के परिणामों को प्रभावित करते हैं। विभिन्न इनपुट अनुमानों, जैसे कि रेवेन्यू ग्रोथ रेट्स (revenue growth rates), कॉस्ट स्ट्रक्चर्स (cost structures), या डिस्काउंट रेट्स (discount rates) का परीक्षण करके, आप मॉडल की मजबूती का मूल्यांकन कर सकते हैं और यह निर्धारित कर सकते हैं कि कौन से कारक परिणाम पर सबसे अधिक प्रभाव डालते हैं। इस अध्याय में, हम एक्सेल (Excel) में एक संवेदनशीलता विश्लेषण मॉडल कैसे बनाएं, इस पर चर्चा करेंगे, जिससे आपको वित्तीय प्रोजेक्शन्स (financial projections) से जुड़े जोखिम और अनिश्चितताओं को समझने में मदद मिलेगी।
संवेदनशीलता विश्लेषण क्या है? (What is Sensitivity Analysis?)
संवेदनशीलता विश्लेषण (sensitivity analysis) का माप यह होता है कि इनपुट वेरिएबल्स (input variables) में भिन्नताओं के प्रति मॉडल का आउटपुट कैसे बदलता है। इसका उपयोग आमतौर पर मॉडल में प्रमुख ड्राइवर्स को पहचानने के लिए किया जाता है, जिससे यह जानने में मदद मिलती है कि कौन से अनुमान कुल मिलाकर सबसे महत्वपूर्ण हैं।
संवेदनशीलता विश्लेषण क्यों महत्वपूर्ण है? (Why is Sensitivity Analysis Important?)
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जोखिम पहचान (Risk Identification): संवेदनशीलता विश्लेषण यह पहचानने में मदद करता है कि कौन से वेरिएबल्स (variables) आउटपुट पर सबसे अधिक प्रभाव डालते हैं, जिससे आप महत्वपूर्ण अनुमानों पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
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निर्णय लेना (Decision Making): यह समझकर कि मॉडल इनपुट्स में बदलाव के प्रति कितना संवेदनशील है, आप अधिक जानकारीपूर्ण व्यवसाय और निवेश निर्णय ले सकते हैं।
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परिदृश्य योजना (Scenario Planning): संवेदनशीलता विश्लेषण आपको विभिन्न व्यवसाय परिदृश्यों का सिमुलेशन करने की अनुमति देता है, जिससे संभावित परिणामों की रेंज के बारे में जानकारी मिलती है।
चरण-दर-चरण मार्गदर्शिका: संवेदनशीलता विश्लेषण मॉडल बनाना (Step-by-Step Guide: Building a Sensitivity Analysis Model)
चरण 1: एक बेस केस वित्तीय मॉडल बनाएं (Step 1: Create a Base Case Financial Model)
संवेदनशीलता विश्लेषण करने से पहले, आपके पास एक बेस केस मॉडल होना चाहिए। मान लेते हैं कि हम एक डिस्काउंटेड कैश फ्लो (DCF) मॉडल के साथ काम कर रहे हैं, जहां एक प्रोजेक्ट का नेट प्रेजेंट वैल्यू (NPV) प्रोजेक्टेड कैश फ्लो (projected cash flows), एक डिस्काउंट रेट (WACC), और ग्रोथ रेट्स (growth rates) के आधार पर गणना की जाती है।
2024 | ₹10M |
2025 | ₹12M |
2026 | ₹15M |
2027 | ₹17M |
2028 | ₹18M |
मान लीजिए कि बेस डिस्काउंट रेट 10% है और टर्मिनल ग्रोथ रेट 3% है। आप इन अनुमानों का उपयोग करके NPV (नेट प्रेजेंट वैल्यू) की गणना करते हैं।
स्टेप 2: सेंसिटिविटी एनालिसिस के लिए प्रमुख वेरिएबल्स की पहचान करें
उन वेरिएबल्स को चुनें जिन्हें आप मॉडल में टेस्ट करना चाहते हैं। हमारे उदाहरण के लिए, सेंसिटिविटी एनालिसिस के लिए प्रमुख इनपुट्स में शामिल हो सकते हैं:
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डिस्काउंट रेट (WACC): विभिन्न डिस्काउंट रेट्स (जैसे, 8%, 9%, 10%, 11%, 12%) के प्रभाव का परीक्षण करें।
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टर्मिनल ग्रोथ रेट (g): विभिन्न ग्रोथ रेट्स (जैसे, 2%, 3%, 4%) का परीक्षण करें।
स्टेप 3: एक्सेल में सेंसिटिविटी टेबल सेट करें
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इनपुट वेरिएबल्स बनाएँ: वर्कशीट के एक अलग सेक्शन में डिस्काउंट रेट और टर्मिनल ग्रोथ रेट के लिए वैल्यूज की रेंज लिस्ट करें।
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डेटा टेबल सेट करें:
- विभिन्न डिस्काउंट रेट्स को एक रो (हॉरिजोंटली) में रखें।
- विभिन्न टर्मिनल ग्रोथ रेट्स को एक कॉलम (वर्टिकली) में रखें।
- इंटरसेक्शन सेल में, बेस केस वैल्यूज को संदर्भित करते हुए NPV के लिए फॉर्मूला दर्ज करें।

स्टेप 4: एक्सेल के डेटा टेबल फंक्शन (Excel’s Data Table Function) का उपयोग करें
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सेंसिटिविटी टेबल रेंज (Sensitivity Table Range) को सेलेक्ट करें: पूरे टेबल को हाइलाइट करें, जिसमें वैरिएबल वैल्यूज (variable values) की रो (row) और कॉलम (column) शामिल हों।
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डेटा टेबल फंक्शन (Data Table Function) का उपयोग करें: डेटा > व्हाट-इफ एनालिसिस > डेटा टेबल (Data > What-If Analysis > Data Table) पर जाएं।
- रो इनपुट सेल (Row Input Cell) के लिए, उस सेल को सेलेक्ट करें जहां मॉडल में डिस्काउंट रेट (discount rate) एंटर किया गया है।
- कॉलम इनपुट सेल (Column Input Cell) के लिए, उस सेल को सेलेक्ट करें जहां टर्मिनल ग्रोथ रेट (terminal growth rate) एंटर किया गया है।

एक्सेल (Excel) ऑटोमेटिकली (automatically) प्रत्येक डिस्काउंट रेट्स (discount rates) और ग्रोथ रेट्स (growth rates) के कॉम्बिनेशन (combination) के लिए एनपीवी (NPV) की गणना करेगा, और सेंसिटिविटी टेबल (sensitivity table) को पूरा करेगा।
स्टेप 5: रिजल्ट्स (results) का विश्लेषण करें
सेंसिटिविटी टेबल (sensitivity table) दिखाता है कि डिस्काउंट रेट (discount rate) और ग्रोथ रेट (growth rate) में बदलाव एनपीवी (NPV) को कैसे प्रभावित करते हैं। इससे आपको यह देखने में मदद मिलती है कि कौन से वेरिएबल्स (variables) प्रोजेक्ट की वैल्यूएशन (valuation) पर सबसे अधिक प्रभाव डालते हैं।
उदाहरण के लिए:

सेंसिटिविटी एनालिसिस (sensitivity analysis) के फायदे
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रिस्क असेसमेंट (risk assessment): सेंसिटिविटी एनालिसिस (sensitivity analysis) सबसे वोलेटाइल (volatile) असम्प्शन्स (assumptions) को पहचानने में मदद करता है, जिससे आप रिस्क (risk) को कम करने पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।
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आउटकम्स की रेंज (range of outcomes): संभावित परिणामों की रेंज (range) का स्पष्ट चित्र प्रदान करता है, जिससे सीनारियो प्लानिंग (scenario planning) में मदद मिलती है।
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जानकारीपूर्ण निर्णय (informed decision making): महत्वपूर्ण ड्राइवर्स (drivers) के वित्तीय मैट्रिक्स (metrics) पर प्रभाव को समझकर व्यवसायों को बेहतर निर्णय लेने की अनुमति देता है।
मुख्य बिंदु (Key Takeaways):
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सेंसिटिविटी एनालिसिस (sensitivity analysis) आपको यह टेस्ट करने की अनुमति देता है कि मुख्य इनपुट्स (inputs) में बदलाव वित्तीय मॉडल (financial model) के परिणाम को कैसे प्रभावित करते हैं।
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एक्सेल के डेटा टेबल (Excel’s Data Table) फीचर का उपयोग सेंसिटिविटी कैलकुलेशन्स (sensitivity calculations) को ऑटोमेट (automate) करने और आसान इंटरप्रिटेशन (interpretation) के लिए डायनामिक टेबल्स (dynamic tables) बनाने के लिए करें।
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यह टूल वित्तीय मॉडल्स (financial models) में रिस्क (risk) और संभावित वेरिएबिलिटी (variability) को समझने के लिए महत्वपूर्ण है।
निष्कर्ष (Conclusion):
एक्सेल में सेंसिटिविटी एनालिसिस (sensitivity analysis) मॉडल बनाना मुख्य असम्प्शन्स (assumptions) के बदलने के प्रभाव को वित्तीय परिणामों पर मूल्यांकन करने में मदद करता है। यह वित्तीय मॉडलिंग (financial modelling) में रिस्क असेसमेंट (risk assessment) और जानकारीपूर्ण निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण उपकरण है।
अगले अध्याय की झलक (Next Chapter Preview): अगले अध्याय में, हम सीनारियो एनालिसिस (scenario analysis) और मोंटे कार्लो सिमुलेशन (Monte Carlo simulation) फॉर रिस्क असेसमेंट (risk assessment) में गोता लगाएंगे, जहां हम देखेंगे कि कैसे मल्टीपल वेरिएबल्स (multiple variables) के साथ सीनारियोज़ (scenarios) बनाएं और रिस्क असेस करने के लिए मोंटे कार्लो सिमुलेशन्स (Monte Carlo simulations) करें। फाइनेंशियल मॉडलिंग (financial modelling) में उन्नत तकनीकों के लिए बने रहें!
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